Lifestyle News In Hindi : If you want to fight corona, then improve lifestyle and strengthen immunity, ways to make immunity strong at home | कोरोना से लड़ना है तो जीवनशैली में सुधार कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं


दैनिक भास्कर

Apr 01, 2020, 04:57 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. पंद्रह दिन का लॉकडाउन बाकी है। बीते छह दिनों से हमारी शारीरिक क्रिया कम हो गई है। यह सेहत के लिए ठीक नहीं है। बैठे-बैठे खाने को हम मजबूर जरूर हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। किसी भी रोग से लड़ना है, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्तम होनी चाहिए। संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए घर में ही रहने, हाथों को बार-बार धोने, मास्क का इस्तेमाल करने के नियम का पालन तो हम कर ही रहे हैं, अब चलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसे अपनी जीवनशैली और खान-पान में सुधार लाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। घर पर रहकर इसे कैसे सुधारना है, आहार विशेषज्ञ से जानिए।

दिनचर्या दुरुस्त करनी होगी
हम घर पर हैं, तो जीवनचर्या का कुछ तय नहीं है। कुछ लोग देर रात तक जाग रहे हैं, सुबह देर से उठ रहे हैं, ठंडा भोजन खा रहे हैं। इस ख़राब दिनचर्या से कई परेशानियां हो सकती हैं जैसे अपच, कब्ज़, खट्‌टी डकारें आदि। मधुमेह या हृदय रोगियों की समस्या भी बढ़ सकती है। इस मुश्किल समय में ख़ुद पर संयम रखना ज़रूरी है। न सिर्फ़ शारीरिक, बल्कि मानसिक दबाव भी हम सब पर है।

स्वस्थ रहने के स्तम्भ
पर्याप्त और अच्छी नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। ऐसे में जब हम घर पर हैं, तो कोशिश होनी चाहिए कि हम रात में भरपूर नींद लें और सुबह जल्दी उठें। दिनचर्या को नियमित करने की कोशिश करें। सुबह जल्दी उठेंगे, तो रात को जल्दी नींद आएगी। नींद के नियमन से आप ख़ुद को स्वस्थ, तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करेंगे। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। मधुमेह, मोटापे, हृदय रोग और रक्तचाप के मरीज़ों को अपनी अवस्था नियंत्रित रखने के लिए भी पर्याप्त नींद ज़रूरी है।

सेहत के लिए पानी
स्वस्थ रहने के लिए दूसरी आवश्यक वस्तु है पर्याप्त मात्रा में पानी। कई बार एक ही जगह बैठे रहने, टीवी देखने आदि के कारण ज़्यादा चलना नहीं हो पाता, इसलिए हो सकता है कि आपको प्यास भी कम लगे। पर इसका ये अर्थ नहीं है कि आप पानी न पिएं। गर्मी बढ़ रही है और पानी की ज़रूरत भी। शरीर की हर क्रिया के सुचारू रूप से चलने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। पानी की कमी के कारण शरीर में अजीब-सी थकान और भारीपन महसूस हो सकता है, साथ ही आलस भी आ सकता है। जिन्हें गुर्दे या दिल की परेशानी है, वे अपने चिकित्सक की बताई गई मात्रा में ही तरल पदार्थ लें।

व्यायाम ही गतिविधि है
जब हम घर के अंदर हैं, तो किसी और गतिविधि की गुंजाइश नहीं है। योग या कोई और व्यायाम सीखे हों, तो करें। अपने आप इस समय कुछ नया न आज़माएं। गाने लगाकर डांस या कार्डियो कर सकते हैं। मानसिक संतुलन और संतुष्टि के लिए 10-15 मिनट आंखें बंद करके ध्यान ज़रूर लगाएं। मंत्र का जाप भी आपके मन को शांत रखेगा। सुबह-शाम दोनों समय 15-15 मिनट का व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इज़ाफ़ा करेगा।

भोज्य पदार्थ बनाएंगे मजबूत
वैसे तो सभी पोषक तत्वों की आवश्यकता शरीर को होती है परंतु रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन सी, विटामिन डी और जिंक अधिक ज़रूरी है। इसलिए ऐसे भोजन व खाद्य पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें जिनमें इन तत्वों का समावेश हो। प्रोटीन की मात्रा एवं गुणवत्ता सही करने के लिए आटे को दूध में गूंध कर उपयोग करने से गुणवत्ता एवं मात्रा दोनों बढ़ जाते हैं। इसी प्रकार पोहे या उपमा में मूंगफली का उपयोग या इडली के साथ सांभर का उपयोग या चावल के साथ दाल या खिचड़ी भी आपके प्रोटीन की मात्रा को बेहतर बना देगा। प्रोबायोटिक्स वो तत्व हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं। ये दही, इडली, खमण आदि में मिलते हैं।

समय का ख्याल रखिए
उठने के दो घंटे के भीतर नाश्ता कर लें। हर 3-4 घंटे के अंदर खाना लें। उदाहरण के तौर पर सुबह का नाश्ता,  दोपहर में 1-2 बचे के बीच दोपहर का खाना, शाम को चाय के साथ कोई न कोई थोड़े-से स्नैक्स जैसे पोहा, उपमा लीजिए और रात का खाना 7 से 8 बजे तक जरूर लें।

दिनचर्या में शामिल करें

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड : ओमेगा-3, फैटी एसिड बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है। इनका स्रोत हैं खड़ी दालें जैसे मोठ, लोबिया, मूंग, राजमा, चने, छोले आदि। पूरे हफ़्ते की भोजन योजना बनाते समय किसी समय में छोले और राजमा को ज़रूर शामिल करें। खड़ी दालों को अंकुरित करके खाएं, तो और बेहतर। अंकुरित दालों से रेशे, विटामिन जैसे ए, ई, बी कॉम्पलेक्स एवं कई खनिज प्राप्त हो जाएंगे। आजकल सब्ज़ी न मिलने की स्थिति में यह प्रक्रिया बहुत फायदे की रहेगी। अंकुरित दालों से आप खिचड़ी, चीला, बड़े भी बना सकते हैं। और तो और इन्हें पीसकर आटा मिलाकर पराठे भी बन सकते हैं या मिर्च, नींबू या नमक के साथ चटनी भी बनाई जा सकती है।
  • विटामिन-सी : विटामिन-सी खट्‌टे फलों में पाया जाता है। टमाटर, संतरे, आंवला, हरी मिर्च, नींबू विटामिन-सी के अच्छे स्रोत हैं। आंवले का किसी ने किसी रूप में रोज़ाना सेवन करें। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मिलेगा, साथ ही साथ इससे खाने से प्राप्त होने वाला लौह लवण यानी आयरन शरीर में ढंग से अवशोषित हो जाएगा। और कुछ न भी मिले हरी मिर्च तो आसानी से उपलब्ध है और यह अच्छी मात्रा में विटामिन सी देती है।
  • विटामिट-डी: शरीर में पर्याप्त विटामिन-डी रोगों से लड़ने की क्षमता देता है। इसके लिए प्रतिदिन 20 से 25 मिनट घर की बालकनी, छत या घर में जहां धूप हो वहां इस तरह से खड़े हो जाएं कि धूप सीधेे शरीर पर आए।
  • जिंक: सूखे मेवे, तिलहन दालें जैसे तिल, तरबूज़ व खरबूज़ के बीज, अलसी, सूरज मुखी या कद्दू के बीजों के सेवन कर सकते हैं। इनमें जिंक के साथ आयरन, कैल्शियम, ओमेगा-3, फैटी एसिड व बीमारियों से लड़ने के कई तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इन्हें प्रतिदिन दो छोटे चम्मच खाएं।

भोजन योजना
ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल न करें, जिन्हें पचाना मुश्किल होता हो, जैसे नूडल्स आदि। सुपाच्य, रेशेदार और ताज़ा खाना खाएं। कुछ सुझाव हैं…

  • सुबह चाय के साथ बिस्कुट के बजाय 5-6 बादाम, 2-3 अखरोट लें, तो फ़ायदेमंद होगा। मधुमेह की दिक़्क़त नहीं है तो इनके साथ अंजीर या खजूर ले सकते हैं।
  • नाश्ते में प्रोटीन लें जैसे दूध और दलिया, दही और पराठा, पूरा पका हुआ अंडा और पराठा, अंकुरित दालें और उसके साथ पोहा या उपमा में एक वस्तु ले सकते हैं।
  • मौसमी फल संतरा, तरबूज़, खरबूज़, पपीता ले सकते हैं। इनको 11 बजे के आसपास टीवी देखते, बैठे हुए या आराम करते वक़्त ले सकते हैं।
  • दोपहर के खाने में रोटी, चावल या दालिया के साथ रोज़ दही का सेवन करने की कोशिश करें। चाहें तो उसमें छौंक लगा सकते हैं। भोजन में दाल अवश्य लें। यदि दाल बनाने का मन न हो तो चार हिस्सा आटे में एक हिस्सा बेसन मिलाकर उसकी रोटी लें।
  • मौसमी सब्ज़ियां ही खाएं। सभी फल और सब्ज़ियां अच्छी तरह से धोएं या नमक के पानी में धोएं उसके बाद ही उपयोग करें। इन्हें फ्रिज में स्टोर करें।
  • शाम की चाय के साथ भुने चने, भुनी मूंगफली और मुरमुरे का मिश्रण या पॉपकॉर्न ले सकते हैं। बेसन या दाल का चीला, अंकुरित दालों की चाट भी चाय के साथ ले सकते हैं।
  • रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले खाएं। रात में हल्का भोजन लीजिए। दाल, रोटी और सब्ज़ी स्थान पर इडली, सांभर और चटनी लें। दलिया और सब्ज़ियों का मिश्रण खाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here