Kisan Andolan Live Updates 3 February Singhu Tikri Ghazipur Borders Close Mahapanchayat In Jind And Rohtak Rakesh Tikait In Hindi News – Kisan Andolan Live : जींद के बाद रोहतक के लिए निकले टिकैत का जगह-जगह स्वागत, महापंचायत के लिए हो रही देर


महापंचायत में जुटी भीड़
– फोटो : सोशल मीडिया

नरेंद्र तोमर ने कहा- किसानों के साथ कोई अनौपचारिक बात नहीं चल रही
बुधवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, केंद्र किसानों के साथ कोई अनौपचारिक बात नहीं कर रहा है। नरेंद्र तोमर ने आंदोलनस्थलों पर बढ़ाई गई अधिक सुरक्षा, सीमेंटेड बैरिकेड्स और इंटरनेट बैन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह स्थानीय कानून व्यवस्था का मुद्दा है।

एक रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं टिकैत
इस वक्त टिकैत जींद के जुलाना में हैं, इसके बाद वह पॉली गांव जाएंगे। यह गांव भी जींद में ही है। बताया जा रहा है कि राकेश टिकैत एक रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं। वहीं गुरनाम सिंह चढ़ूनी उनसे आगे चल रहे हैं। रास्ते में चढ़ूनी किसानों को इकट्ठा कर रहे हैं, उसके बाद राकेश टिकैत वहां पहुंचते हैं और किसानों की तरफ से उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया जाता है। टिकैत के खरावड़ प्रोग्राम में देरी की वजह से किसान जाने लगे थे लेकिन उन्हें रोकने का काम गुरनाम सिंह को सौंपा गया है। जिस हिसाब से काफिला चल रहा है, माना जा रहा है कि टिकैत रात को 8:00 बजे तक भी रोहतक नहीं पहुंच पाएंगे।

रोहतक पहुंचने में टिकैत को हो रही देर
रोहतक महापंचायत के लिए निकले राकेश टिकैत का जगह-जगह पर किसान रोक-रोककर स्वागत कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें महापंचायत के लिए पहुंचने में देर हो रही है।

बातचीत से निकालना चाहिए हलः अनिल विज
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने किसानों के आंदोलन को लेकर कहा कि हर किसी को आंदोलन का अधिकार है लेकिन इससे आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जब सरकार बात करने के लिए तैयार है और प्रधानमंत्री ने जब उन्हें खुला निमंत्रण दे दिया है तो बातचीत से हल निकालना चाहिेए और 6 फरवरी का चक्का जाम का कार्यक्रम स्थगित करना चाहिए।

संबित पात्रा का आरोप- राहुल चला रहे किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक
राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता कर फिर से किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश की और साथ ही साथ हमने देखा कि किसानों के माध्यम से लोगों को भड़काने का काम भी किया।

राकेश टिकैत 6.00 बजे तक पहुंच सकते हैं खरावड़
राकेश टिकैत कुछ ही देर में रोहतक के खरावड़ पहुंचने वाले हैं जहां, महापंचायत बुलाई गई है। यहां वे किसानों में जोश भरने का काम करेंगे और किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए लोगों का आभार भी व्यक्त करेंगे। उनके रोहतक आगमन पर किसानों की ओर से पगड़ी पहनाकर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। टिकैत के लिए 24 बाई 24 फुट का मंच लगाया गया है। यहां 15 से 20 प्रबुद्धजनों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। बताया जा रहा है कि टिकैत को यहां दो बजे पहुंचना था लेकिन संभावना है कि वह 6.00 बजे तक पहुंचेंगे।

जींद के बाद रोहतक के लिए निकले टिकैत
जींंद में महापंचायत में शामिल होने के बाद रोहतक में हो रही महापंचायत के लिए राकेश टिकैत निकल चुके हैं। 

महापंचायत के बाद टिकैत ने किया ये ट्वीट
राकेश टिकैत ने महापंचायत से निकलकर दो ट्वीट किए हैं। उन्होंंने पहला ट्वीट कर कहा कि, गिरफ्तार किसानों को रिहा किया जाए। इसके बाद ही वार्ता सम्भव है। इसके बाद उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर महापंचायत में पास हुए पांच प्रस्ताव के बारे में लिखा है।

महापंचायत से निकले टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत महापंचायत से निकल गए। यहां से टिकैत खटकड़ टोल पहुंचेंगे। इससे पहले टिकैत ने कहा कि बॉर्डर पर सरकार ने कीलें लगाई हैं, वे लाकर अपनी खाप के ऑफिस में रखेंगे। किसानों के वार्ताकार वही बात रखेंगे। हम युद्ध में घोड़े नहीं बदलेंगे। इस दौरान टिकैत ने पानी बचाने की अपील भी की। साथ ही कहा कि किसान अपने खेत में नंगे पांव रहें। अपने खेत की मिट्टी और खेत का पानी अपने घर के मंदिर में रखें।

सरकार ने ट्विटर को जारी किया नोटिस
किसानों के नरसंहार वाले हैशटैग से ट्वीट करने वाले अकाउंट की बहाली पर सरकार ने ट्वीटर को नोटिस जारी किया।

राकेश टिकैत ने कहा- गद्दी वापसी की बात की तब क्या करेगी सरकार
राकेश टिकैत ने मंच ठीक होने के बाद जब दोबारा बोलना शुरू किया तो एक तरह से सरकार को चेतावनी ही दे डाली। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अभी तो हमने बिल वापसी की बात की है अगर गद्दी वापसी की बात की तब सरकार क्या करेगी। उन्होंने ये भी कहा यह युवाओं की क्रांति का साल है।

भीड़ इतनी बढ़ी कि टूटा महापंचायत का मंच
राकेश टिकैत जब मंच पर बोलने वाले थे उससे चंद मिनट पहले ही मंच टूट गया। फिर सब कुछ ठीक कर जब वह दोबारा मंच पर आए तो कहा कि मंच भाग्यवानों के टूटते हैं।

जींद महापंचायत में हाथ उठाकर तीनों कृषि कानून वापस लेने का प्रस्ताव पास
जींद महापंचायत में 5 प्रस्ताव पास कर दिए गए हैं। सभी प्रस्ताव लोगों ने हाथ उठाकर पास किया है। इसमें सबसे प्रमुख है तीनों कृषि कानूनों की वापसी का प्रस्ताव। दूसरा एमएसपी पर कानून बने, तीसरा स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू हो, चौथा दिल्ली में पकड़े गए ट्रैक्टर व लोग रिहा हों, पांचवां किसानों के कर्ज माफ हों।

किसानों के लिए महापंचायत में बना खास लंगर
जींद में चल रहे महापंचायत में किसानों के लिए खास लंगर बन रहा है। तीन तरह की सब्जियां बनाई जा रही हैं। इसमें आलू-मटर, दाल मखनी व मिक्स वेज शामिल हैं। मीठे में किसान नेताओं के लिए हलवा बनेगा। पूरी के साथ रोटियों की भी व्यवस्था है। रागिनी कलाकारों ने भी यहां अपनी प्रस्तुतियां दी।

बीकेयू के महासचिव ने कहा एक लाख लोग हैं एक करोड़ होने चाहिए 
बीकेयू के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि दिल्ली में एक लाख लोग हैं, इससे काम नहीं चलेगा, एक करोड़ चाहिए। जब भी संदेश आए सभी दिल्ली पहुंचें।

जींद पहुंचे राकेश टिकैत
जींद के कंडेला में हो रही महापंचायत में राकेश टिकैत पहुंच चुके हैं। यहां मंच पर उन्हें हल देकर सम्मानित भी किया गया। उनके पहुंचने के बाद वहां लोग अपनी-अपनी जगहों से खड़े हो गए उन्होंने मंच से ही हाथ जोड़कर लोगों को बैठने की अपील की।

दिल्ली में वामपंंथी छात्र किसानों के समर्थन में निकाल रहे मार्च
लेफ्ट स्टूडेंट पार्टियां किसानों के समर्थन में दिल्ली के मंडी हाउस से संसद तक मार्च कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने मंडी हाउस में ही रोक लिया है।

जींद के कंडेला में शुरू हुई महापंचायत, पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी
जींद के कंडेला में महापंचायत शुरू हो चुकी है। इसमें गुरनाम सिंह चढूनी पहुंच चुके हैं। चढूनी ही वह शख्स हैं जो हरियाणा में किसान आंदोलन को व्यापक तौर पर फैलाने के लिए जाने जाते हैं।

26 जनवरी को हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार
तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को ज्ञापन दीजिए। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर चढ़कर धार्मिक झंडा भी फहराया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 27 जनवरी को दो याचिकाएं दाखिल की गईं थीं।

कुछ देर में जींद पहुंचेंगे किसान नेता राकेश टिकैत
किसान आंदोलन के पक्ष में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कुछ ही देर बाद जींद में आयोजित महापंचायत में पहुंचेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि जींद में किसान आंदोलन को लेकर कोई नई रणनीति बनाई जाएगी।

लापता किसानों का पता लगाएगी दिल्ली सरकार: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलान किया है कि उनकी सरकार और पार्टी उन लापता किसानों का पता लगाएगी जो किसान आंदोलन और ट्रैक्टर रैली के दौरान गायब हुए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना मिली है कि दिल्ली किसान आंदोलन में जो लोग हिस्सा लेने आए थे वे अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं। दिल्ली के अलग-अलग ज़िलों में जिन लोगों को किसान आंदोलन के संबंध में गिरफ्तार किया गया है उनकी हमने कल एक लिस्ट बनाई है। ये लिस्ट हम अभी जन सूचना के लिए जारी कर रहे हैं।

जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए: अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए। सरकार 3 कानूनों पर डेढ़ साल तक अमल नहीं करेगी और इसमें जो भी सुधार करना होगा उसके लिए वो तैयार है, उन्हें पंचायत में इन सब पर चर्चा करना चाहिए और आंदोलन को खत्म करना चाहिए।

किसान दुश्मन देश के नागरिक नहीं: संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि किसान दुश्मन देश के नागरिक नहीं हैं, आपने बॉर्डर पर ऐसे कील लगा दीं हैं जैसे चीन-पाकिस्तान का बॉर्डर तैयार किया हो। सरकार किसानों को आतंकवादी कह रही, लाठी से पीट रही। इसलिए हमने सदन में विरोध दर्ज कराया ताकि सबसे पहले किसानों के मुद्दे पर चर्चा हो और 3 कानूनों वापस हो। संजय सिंह ने कहा कि सदन से एक दिन के लिए सस्पेंड किया गया है लेकिन इस सस्पेंड से हमें फर्क नहीं पड़ने वाला है, हम किसानों के हक में आवाज़ उठाते रहेंगे

सिंघु बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा 
सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा की गई है। किसानों को यहां प्रदर्शन करते हुए आज 70दिन हो गए हैं। 

लालकिले पर उपद्रव करने वाले दीप सिद्धू समेत चार पर एक लाख का इनाम
26 जनवरी की हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू दिल्ली पुलिस ने इनाम घोषित कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। हिंसा में संलिप्तता के लिए जाजबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक को 50,000 रुपये देने की घोषणा की गई है। 

लालकिले मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर चढ़कर धार्मिक झंडा भी फरहाया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 27 जनवरी को दो याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। इन मामले में आज सुनवाई होगी।

जींद में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे टिकैत
जींद के कंडेला गांव में आज होने वाली भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की महापंचायत में उमड़ने वाली भीड़ जींद में किसान आंदोलन के लिए नई रणनीति बनाने का काम करेगी। यदि भीड़ उम्मीद से अधिक आई तो आंदोलन की रूपरेखा मंच से ही सुनाई जाएगी। नहीं तो आंदोलन की रणनीति के बारे में बाद में लोगों को बताया जाएगा। आज किसान नेता टिकैत पहले कंडेला और फिर खटकड़ टोल पर चल रहे धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करेंगे।

राकेश टिकैत आज रोहतक के किसानों में भरेंगे जोश
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को गति देने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आज खरावड़ आ रहे हैं। यहां वे किसानों में जोश भरने का काम करेंगे। उनके रोहतक आगमन पर किसानों की ओर से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को खरावड़ में किसानों के लिए लगाए गए शिविर पर खरावड़ के ग्रामीणों ने लिया।

सार

दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन को चलते हुए आज 70वां दिन है। गाजीपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर व टिकरी बॉर्डर पर किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। आज रोहतक और जींद में किसानों की महापंचायत हो रही है। दोनों ही जगह किसान नेता राकेश टिकैत शामिल हो रहे हैं। वहीं, तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को ज्ञापन दीजिए। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स…..

विस्तार

नरेंद्र तोमर ने कहा- किसानों के साथ कोई अनौपचारिक बात नहीं चल रही

बुधवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, केंद्र किसानों के साथ कोई अनौपचारिक बात नहीं कर रहा है। नरेंद्र तोमर ने आंदोलनस्थलों पर बढ़ाई गई अधिक सुरक्षा, सीमेंटेड बैरिकेड्स और इंटरनेट बैन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह स्थानीय कानून व्यवस्था का मुद्दा है।

एक रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं टिकैत

इस वक्त टिकैत जींद के जुलाना में हैं, इसके बाद वह पॉली गांव जाएंगे। यह गांव भी जींद में ही है। बताया जा रहा है कि राकेश टिकैत एक रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं। वहीं गुरनाम सिंह चढ़ूनी उनसे आगे चल रहे हैं। रास्ते में चढ़ूनी किसानों को इकट्ठा कर रहे हैं, उसके बाद राकेश टिकैत वहां पहुंचते हैं और किसानों की तरफ से उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया जाता है। टिकैत के खरावड़ प्रोग्राम में देरी की वजह से किसान जाने लगे थे लेकिन उन्हें रोकने का काम गुरनाम सिंह को सौंपा गया है। जिस हिसाब से काफिला चल रहा है, माना जा रहा है कि टिकैत रात को 8:00 बजे तक भी रोहतक नहीं पहुंच पाएंगे।

रोहतक पहुंचने में टिकैत को हो रही देर

रोहतक महापंचायत के लिए निकले राकेश टिकैत का जगह-जगह पर किसान रोक-रोककर स्वागत कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें महापंचायत के लिए पहुंचने में देर हो रही है।

बातचीत से निकालना चाहिए हलः अनिल विज

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने किसानों के आंदोलन को लेकर कहा कि हर किसी को आंदोलन का अधिकार है लेकिन इससे आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जब सरकार बात करने के लिए तैयार है और प्रधानमंत्री ने जब उन्हें खुला निमंत्रण दे दिया है तो बातचीत से हल निकालना चाहिेए और 6 फरवरी का चक्का जाम का कार्यक्रम स्थगित करना चाहिए।

संबित पात्रा का आरोप- राहुल चला रहे किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता कर फिर से किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश की और साथ ही साथ हमने देखा कि किसानों के माध्यम से लोगों को भड़काने का काम भी किया।

राकेश टिकैत 6.00 बजे तक पहुंच सकते हैं खरावड़

राकेश टिकैत कुछ ही देर में रोहतक के खरावड़ पहुंचने वाले हैं जहां, महापंचायत बुलाई गई है। यहां वे किसानों में जोश भरने का काम करेंगे और किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए लोगों का आभार भी व्यक्त करेंगे। उनके रोहतक आगमन पर किसानों की ओर से पगड़ी पहनाकर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। टिकैत के लिए 24 बाई 24 फुट का मंच लगाया गया है। यहां 15 से 20 प्रबुद्धजनों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। बताया जा रहा है कि टिकैत को यहां दो बजे पहुंचना था लेकिन संभावना है कि वह 6.00 बजे तक पहुंचेंगे।

जींद के बाद रोहतक के लिए निकले टिकैत

जींंद में महापंचायत में शामिल होने के बाद रोहतक में हो रही महापंचायत के लिए राकेश टिकैत निकल चुके हैं। 

महापंचायत के बाद टिकैत ने किया ये ट्वीट

राकेश टिकैत ने महापंचायत से निकलकर दो ट्वीट किए हैं। उन्होंंने पहला ट्वीट कर कहा कि, गिरफ्तार किसानों को रिहा किया जाए। इसके बाद ही वार्ता सम्भव है। इसके बाद उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर महापंचायत में पास हुए पांच प्रस्ताव के बारे में लिखा है।

महापंचायत से निकले टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत महापंचायत से निकल गए। यहां से टिकैत खटकड़ टोल पहुंचेंगे। इससे पहले टिकैत ने कहा कि बॉर्डर पर सरकार ने कीलें लगाई हैं, वे लाकर अपनी खाप के ऑफिस में रखेंगे। किसानों के वार्ताकार वही बात रखेंगे। हम युद्ध में घोड़े नहीं बदलेंगे। इस दौरान टिकैत ने पानी बचाने की अपील भी की। साथ ही कहा कि किसान अपने खेत में नंगे पांव रहें। अपने खेत की मिट्टी और खेत का पानी अपने घर के मंदिर में रखें।

सरकार ने ट्विटर को जारी किया नोटिस

किसानों के नरसंहार वाले हैशटैग से ट्वीट करने वाले अकाउंट की बहाली पर सरकार ने ट्वीटर को नोटिस जारी किया।

राकेश टिकैत ने कहा- गद्दी वापसी की बात की तब क्या करेगी सरकार

राकेश टिकैत ने मंच ठीक होने के बाद जब दोबारा बोलना शुरू किया तो एक तरह से सरकार को चेतावनी ही दे डाली। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अभी तो हमने बिल वापसी की बात की है अगर गद्दी वापसी की बात की तब सरकार क्या करेगी। उन्होंने ये भी कहा यह युवाओं की क्रांति का साल है।

भीड़ इतनी बढ़ी कि टूटा महापंचायत का मंच

राकेश टिकैत जब मंच पर बोलने वाले थे उससे चंद मिनट पहले ही मंच टूट गया। फिर सब कुछ ठीक कर जब वह दोबारा मंच पर आए तो कहा कि मंच भाग्यवानों के टूटते हैं।

जींद महापंचायत में हाथ उठाकर तीनों कृषि कानून वापस लेने का प्रस्ताव पास

जींद महापंचायत में 5 प्रस्ताव पास कर दिए गए हैं। सभी प्रस्ताव लोगों ने हाथ उठाकर पास किया है। इसमें सबसे प्रमुख है तीनों कृषि कानूनों की वापसी का प्रस्ताव। दूसरा एमएसपी पर कानून बने, तीसरा स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू हो, चौथा दिल्ली में पकड़े गए ट्रैक्टर व लोग रिहा हों, पांचवां किसानों के कर्ज माफ हों।

किसानों के लिए महापंचायत में बना खास लंगर

जींद में चल रहे महापंचायत में किसानों के लिए खास लंगर बन रहा है। तीन तरह की सब्जियां बनाई जा रही हैं। इसमें आलू-मटर, दाल मखनी व मिक्स वेज शामिल हैं। मीठे में किसान नेताओं के लिए हलवा बनेगा। पूरी के साथ रोटियों की भी व्यवस्था है। रागिनी कलाकारों ने भी यहां अपनी प्रस्तुतियां दी।

बीकेयू के महासचिव ने कहा एक लाख लोग हैं एक करोड़ होने चाहिए 

बीकेयू के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि दिल्ली में एक लाख लोग हैं, इससे काम नहीं चलेगा, एक करोड़ चाहिए। जब भी संदेश आए सभी दिल्ली पहुंचें।

जींद पहुंचे राकेश टिकैत

जींद के कंडेला में हो रही महापंचायत में राकेश टिकैत पहुंच चुके हैं। यहां मंच पर उन्हें हल देकर सम्मानित भी किया गया। उनके पहुंचने के बाद वहां लोग अपनी-अपनी जगहों से खड़े हो गए उन्होंने मंच से ही हाथ जोड़कर लोगों को बैठने की अपील की।

दिल्ली में वामपंंथी छात्र किसानों के समर्थन में निकाल रहे मार्च

लेफ्ट स्टूडेंट पार्टियां किसानों के समर्थन में दिल्ली के मंडी हाउस से संसद तक मार्च कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने मंडी हाउस में ही रोक लिया है।

जींद के कंडेला में शुरू हुई महापंचायत, पहुंचे गुरनाम सिंह चढूनी

जींद के कंडेला में महापंचायत शुरू हो चुकी है। इसमें गुरनाम सिंह चढूनी पहुंच चुके हैं। चढूनी ही वह शख्स हैं जो हरियाणा में किसान आंदोलन को व्यापक तौर पर फैलाने के लिए जाने जाते हैं।

26 जनवरी को हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार

तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार को ज्ञापन दीजिए। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर चढ़कर धार्मिक झंडा भी फहराया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 27 जनवरी को दो याचिकाएं दाखिल की गईं थीं।

कुछ देर में जींद पहुंचेंगे किसान नेता राकेश टिकैत

किसान आंदोलन के पक्ष में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कुछ ही देर बाद जींद में आयोजित महापंचायत में पहुंचेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि जींद में किसान आंदोलन को लेकर कोई नई रणनीति बनाई जाएगी।

लापता किसानों का पता लगाएगी दिल्ली सरकार: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलान किया है कि उनकी सरकार और पार्टी उन लापता किसानों का पता लगाएगी जो किसान आंदोलन और ट्रैक्टर रैली के दौरान गायब हुए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना मिली है कि दिल्ली किसान आंदोलन में जो लोग हिस्सा लेने आए थे वे अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं। दिल्ली के अलग-अलग ज़िलों में जिन लोगों को किसान आंदोलन के संबंध में गिरफ्तार किया गया है उनकी हमने कल एक लिस्ट बनाई है। ये लिस्ट हम अभी जन सूचना के लिए जारी कर रहे हैं।

जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए: अठावले

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जींद में होनी वाली महापंचायत में किसानों को सही दिशा में विचार करना चाहिए। सरकार 3 कानूनों पर डेढ़ साल तक अमल नहीं करेगी और इसमें जो भी सुधार करना होगा उसके लिए वो तैयार है, उन्हें पंचायत में इन सब पर चर्चा करना चाहिए और आंदोलन को खत्म करना चाहिए।

किसान दुश्मन देश के नागरिक नहीं: संजय सिंह

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि किसान दुश्मन देश के नागरिक नहीं हैं, आपने बॉर्डर पर ऐसे कील लगा दीं हैं जैसे चीन-पाकिस्तान का बॉर्डर तैयार किया हो। सरकार किसानों को आतंकवादी कह रही, लाठी से पीट रही। इसलिए हमने सदन में विरोध दर्ज कराया ताकि सबसे पहले किसानों के मुद्दे पर चर्चा हो और 3 कानूनों वापस हो। संजय सिंह ने कहा कि सदन से एक दिन के लिए सस्पेंड किया गया है लेकिन इस सस्पेंड से हमें फर्क नहीं पड़ने वाला है, हम किसानों के हक में आवाज़ उठाते रहेंगे

सिंघु बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा 

सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा की गई है। किसानों को यहां प्रदर्शन करते हुए आज 70दिन हो गए हैं। 

लालकिले पर उपद्रव करने वाले दीप सिद्धू समेत चार पर एक लाख का इनाम

26 जनवरी की हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू दिल्ली पुलिस ने इनाम घोषित कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। हिंसा में संलिप्तता के लिए जाजबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक को 50,000 रुपये देने की घोषणा की गई है। 

लालकिले मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर चढ़कर धार्मिक झंडा भी फरहाया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में 27 जनवरी को दो याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। इन मामले में आज सुनवाई होगी।

जींद में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे टिकैत

जींद के कंडेला गांव में आज होने वाली भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की महापंचायत में उमड़ने वाली भीड़ जींद में किसान आंदोलन के लिए नई रणनीति बनाने का काम करेगी। यदि भीड़ उम्मीद से अधिक आई तो आंदोलन की रूपरेखा मंच से ही सुनाई जाएगी। नहीं तो आंदोलन की रणनीति के बारे में बाद में लोगों को बताया जाएगा। आज किसान नेता टिकैत पहले कंडेला और फिर खटकड़ टोल पर चल रहे धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करेंगे।

राकेश टिकैत आज रोहतक के किसानों में भरेंगे जोश

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को गति देने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आज खरावड़ आ रहे हैं। यहां वे किसानों में जोश भरने का काम करेंगे। उनके रोहतक आगमन पर किसानों की ओर से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को खरावड़ में किसानों के लिए लगाए गए शिविर पर खरावड़ के ग्रामीणों ने लिया।



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