Dharm News In Hindi : Chaitra Navratri 2020 Devi Maa SiddhidatriPuja Vidhi Day 9 | SiddhidatriPuja Mantra, Maa Siddhidatri Vrat Katha, Story Importance and Significance | सफलता पाने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए की जाती है देवी सिद्धिदात्री की पूजा


दैनिक भास्कर

Apr 01, 2020, 06:38 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क.. जीवन मंत्र डेस्क. नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवदुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। अन्य आठ देवियों की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नौवें दिन इनकी उपासना करते हैं। मां सिद्धिदात्री भक्तों को हर प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं। देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वे लोक में अर्द्धनारीश्वर नाम से प्रसिद्ध हुए।

पूजा का मंत्र
सिद्धगंधर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना यदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायनी॥

देवी का स्वरूप
मां दुर्गा की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी ओर के ऊपर वाले हाथ में गदा और नीचे वाले हाथ में चक्र विद्यमान है। बांई ओर के ऊपर वाले हाथ में कमलपुष्प और नीचे वाले हाथ में शंख विद्यमान है।

पूजा का महत्व
अंतिम दिन भक्तों को पूजा के समय अपना सारा ध्यान निर्वाण चक्र जो कि हमारे कपाल के मध्य स्थित होता है, वहां लगाना चाहिए। ऐसा करने पर देवी की कृपा से इस चक्र से संबंधित शक्तियां स्वत: ही भक्त को प्राप्त हो जाती हैं। सिद्धिदात्री के आशीर्वाद के बाद श्रद्धालु के लिए कोई कार्य असंभव नहीं रह जाता और उसे हर तरह सुख-समृद्धि प्राप्त हो जाती है।

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